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खिलते रहे बगिया में यूँही पीले पीले फूल

Posted On: 11 Feb, 2015 Others में

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झूम रहे
धरा पर
पीले पीले फूल

हौले हौले
बह रही
संगीतमय लहर
दे रही हिलोरे
मदमस्त बसंती पवन
गा रहे गीत
दिल में
गुनगुनाते फूल

मुस्कुराते हुये
खिलखिला रहे
लहराते धरा पर
पीले पीले फूल

मन में उमंग लिये
उड़ती जाये
चुनरिया गोरी की
खिलते रहे
बगिया में यूँही
पीले पीले फूल

रेखा जोशी

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8 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Alka के द्वारा
February 16, 2015

रेखा जी सुन्दर कविता . सब बसंतमय हो गया …

    rekhafbd के द्वारा
    March 7, 2015

    THANKS ALKA JI

yamunapathak के द्वारा
February 13, 2015

रेखा जी बहुत प्यारी सी कविता है

    rekhafbd के द्वारा
    February 14, 2015

    आपकी स्नेहिल प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार यमुना जी ,धन्यवाद

Shobha के द्वारा
February 13, 2015

प्रिय रेखा जी बड़ी ही प्यारी सी कविता

    rekhafbd के द्वारा
    February 14, 2015

    आपकी स्नेहिल प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार,धन्यवाद शोभा जी

yogi sarswat के द्वारा
February 13, 2015

गा रहे गीत दिल में गुनगुनाते फूल मुस्कुराते हुये खिलखिला रहे लहराते धरा पर पीले पीले फूल मन में उमंग लिये सुन्दर शब्द लिखे हैं आपने आदरणीय रेखा जी yogi-saraswat.blogspot.in

    rekhafbd के द्वारा
    February 14, 2015

    योगी जी ,हार्दिक धन्यवाद ,ऐसे ही स्नेह बनाये रखें ,आभार


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